पूर्णिया, जून 11 -- पूर्णिया, वरीय संवाददाता। पूर्ण अरण्य की धरती पर लगातार कम हो रहे जंगल के कारण इंसान का पशुओं से दंगल हो रहा है। जब वन संपदा नहीं बचेगी तो जंगली जीवों का बाहर निकलना स्वाभाविक है। यही कारण है कि खेतों में कभी तेंदुआ और नील गाय को कभी गीदड़ और बंदर उधम मचा रहे हैं। लोग भयाक्रांत हैं। पशुओं के द्वारा लगातार इंसान पर हमला किया जा रहा है। इंसान अपनी जान के लिए पशुओं को मौत के घाट उतार रहे हैं। इस सबके पीछे प्रमुख कारण वन संपदा में उत्तरोत्तर आ रही कमी है। एक से दो दशकों के दौरान पूर्ण अरण्य में हरियाली हलाल हो गयी। विकास के नाम पर सड़कों के किनारे हजारों की संख्या में पेड़ कट गए। नहर और बांध किनारे लगे पेड़ों की अवैध कटाई हो गयी है। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग के सुरक्षित वन क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं रह गया है। अप्रैल म...