मेरठ, मार्च 5 -- पांडव टीला स्थित रघुनाथ महल पर 106 वें विश्व शांति महायज्ञ व वार्षिक महोत्सव का बुधवार दुल्हैंडी के पावन पर्व पर पूर्णाहुति के साथ साथ समापन हो गया। आर्य जगत के प्रसिद्ध भजनोपदेशक ने समाज में फैली कुरीतियों पर भजनों के माध्यम से प्रहार करते हुए दूर करने का आह्वान किया। भजनोपदेशक कुलदीप विद्यार्थी, गजराज प्रेमी आदि ने भजन प्रस्तुत किए और अपने विचार रखे। आचार्य वेदपाल शास्त्री ने आर्य समाज के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती के पद चिन्हों पर चलने व बताए गए सिद्धांतों का अनुसरण करने की बात कही। भजन के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों जैसे भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा आदि पर प्रहार कर सभी को भाव विभोर कर दिया। संचालक वेदप्रकाश रमन, मुख्य यजमान विकास चौधरी,, हरिओम जिंदल सपत्नी रहे। सहयज्ञमान अंकित सिवा...