नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने वाहनों का मूल्यांकन उनकी आयु की बजाय उत्सर्जन के आधार पर किए जाने की मांग की है। ऐसोसिएशन का कहना है कि सरकार पूरे वाहनों को स्क्रैप कराने की बजाय ट्रांसपोर्टरों को उन्हें अपग्रेड कराने का मौका दे।

वाहनों के मूल्यांकन में उत्सर्जन को प्राथमिकता देने की मांग एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना है कि देश में सभी श्रेणियों को मिलाकर प्रतिवर्ष लगभग 3 करोड़ वाहनों का निर्माण होता है। इसके लिए भारी मात्रा में स्टील, लौह अयस्क और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की जरूरत होती है। वाहन निर्माण की प्रक्रिया में भी ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है। उन्होंने कहा कि कोई वाहन केवल पुराना होने के कारण ...