नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि शराब पर पूरी तरह रोक लगाने से अक्सर शराब का कारोबार गैर-कानूनी तरीके से होने लगता है, जिससे गैर कानूनी और जानलेवा जहरीली शराब का चलन बढ़ जाता है। शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जहरीली शराब से होने वाली मौतों को रोकने के लिए कई उपाय सुझाते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने महाराष्ट्र जहर नियम के नियम 18ए और 18बी को रद्द करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कई सुझाव जारी किए। ये नियम 2011 में मुंबई में जहरीली शराब से हुई एक बड़ी घटना के बाद एक अधिसूचना के जरिए जोड़े गए थे। पीठ ने नकली शराब के गैर-कानूनी उत्पादन, परिवहन और बिक्री रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय करन...