बलिया, मार्च 13 -- बलिया, संवाददाता। करीब एक दशक बाद अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी। इस बार की जनगणना में प्रगणकों को डेटा जुटाने के लिए कागजों के बंडल नहीं ढोने पड़ेंगे, बल्कि सारा विवरण मोबाइल एप के जरिए सीधे सर्वर पर अपलोड होगा। इसके लिए फील्ड ट्रेनरों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि गणना के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। इसके लिए लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर आने वाले मास्टर ट्रेनर स्थानीय स्तर पर फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। जिला मुख्यालय पर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 मार्च से 21 मार्च के बीच तीन अलग-अलग बैच में आयोजित किया जाएगा। ब्रिटिश काल के दौरान कागज व स्याही से शुरू हुआ यह सफर अब 2026 में डिजिटल स्क्रीन तक पहुंच गया है। इस बार की जनगणना तकनीक के लिहाज से खास ह...