नई दिल्ली, जून 27 -- सनातन धर्म में पूजा का एक महत्वपूर्ण अंग है दीपक जलाना। दीपक केवल अंधकार दूर करने का साधन नहीं, बल्कि ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। सही विधि से दिया जलाने से घर में सुख-शांति और धन-समृद्धि आती है, जबकि छोटी-सी लापरवाही से पूजा का फल कम हो सकता है। इसलिए दीपक जलाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।दीपक जलाने का महत्व दीपक को मां लक्ष्मी और भगवान का स्वरूप माना जाता है। पूजा में दीया जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक वातावरण बनता है। घी या तेल का दीया जलाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।दीपक जलाने का सही समय दीपक दो बार जलाने का विधान है - सुबह और शाम। सुबह सूर्योदय के समय 5 बजे से 7 बजे के बीच दीया जलाएं। शाम को सूर्यास्त ...