नई दिल्ली, जून 18 -- Jupiter transit in pushya nakshatra 2026: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी न्याय देवता शनि हैं और देवता स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं। गुरुवार के दिन बनने वाले गुरु पुष्य योग के दुर्लभ संयोग धन, स्थिरता, ज्ञान और समृद्धि का कारक माना जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, गुरु 18 जून 2026 को पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं और 18 अगस्त तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, गुरु पुष्य नक्षत्र गोचर का प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि पर पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए यह गोचर आर्थिक स्थिरता, भाग्य का साथ और अप्रत्याशित लाभ लेकर आ रहा है। जबकि दो राशियों को इस समय सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।गुरु पुष्य नक्षत्र गोचर: पंडित जी से जानें किन राशियों के लिए...