रांची, जुलाई 11 -- कांके, प्रतिनिधि। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में शनिवार को प्रसार शिक्षा परिषद की 40वीं बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. एससी दुबे ने कहा कि झारखंड में पुष्प उत्पादन की बेहतर संभावनाएं हैं। अनुकूल जलवायु और बाजार की उपलब्धता से किसान फूलों की खेती को लाभकारी बना सकते हैं। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने और उत्पादन लागत कम कर आय बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता डॉ. आरके त्रिपाठी ने युवाओं को कृषि व्यवसाय, एग्री स्टार्टअप और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की जरूरत बताई। बैठक में बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्रों ने पिछले वित्तीय वर्ष में 1,622 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 59 हजार किसानों और प्रसार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। यह भी पढ़ें- फूलों की खेती और एग्री-स्टार्टअप...