आगरा, अप्रैल 15 -- अपहरण के मुकदमे में पुलिस 13 वर्ष में एक भी गवाह पेश नहीं कर सकी थी। साक्ष्य के अभाव में आरोपिता बरी हुई थी। इस आदेश के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की गई। अपर जिला जज विराट कृष्ण श्रीवास्तव ने सुनवाई के बाद अधीनस्थ न्यायालय का आदेश यथावत रख गलती का जिम्मेदार अभियोजन पक्ष को माना। वादी शंकरिया का ढाई वर्ष का पुत्र 28 मार्च 2011 को घर के बाहर से खेलते समय अचानक गायब हो गया था। वादी ने पूरे क्षेत्र में माइक से अपने पुत्र के गुम हो जाने का एनाउंस करा थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपिता के कब्जे से वादी के पुत्र को बरामद कर महिला आरोपिता को जेल भेजा था। 13 वर्ष में पुलिस ने वादी मुकदमा समेत अनेक गवाहों के बाद भी एक भी गवाह कोर्ट में पेश नहीं किया। अदालत ने आरोपिता शकुंतला निवासी ताजगंज को साक्ष्य के अभाव में 28 ...