नई दिल्ली, जून 1 -- यूपी के वारणसी कोर्ट ने 29 साल पहले पुलिस हिरासत में राजेंद्र प्रसाद सिंह की मौत में सुंदरपुर चौकी के तत्कालीन दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह, विवेचक राधेश्याम और सरकारी डॉक्टर केके जैन को दोषी ठहराया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) अमित कुमार तिवारी ने सोमवार को तीनों दोषियों को अलग-अलग सजा सुनाई। तत्कालीन दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह को 10 साल जेल और 31 हजार अर्थदंड लगाया। सरकारी डॉक्टर केके जैन को पांच साल कारावास और 40 हजार जुर्माने का दंड दिया गया। विवेचक राधेश्याम को छह महीने कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा भुगतनी होगी। मामले में आरोपी सिपाही अनिरुद्ध यादव और श्रीनिवास शुक्ल बरी कर दिए गए। तत्कालीन अपर नगर मजिस्ट्रेट अवधेशमणि त्रिपाठी और कवींद्र नारायण सिंह पहले दोषमुक्त हो चुके हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ...