मधुबनी, दिसम्बर 9 -- मधुबनी। पुलिस व अपराधी के मेल से थानों में मैनेज का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। कहीं थाना के बाहर तो कहीं थाना के अंदर मैनेज का खेल चल रहा है। अपराध की गंभीरता एवं कानून में अपराध के लिए वर्णित दंड के प्रावधान के अनुसार मैनेज की बात होती है। छोटे अपराध के मामलों में पुलिस सीधे मैनेज की बात करती है। जबकि गंभीर श्रेणी के अपराध एवं जेल जाने की नोबत आने वाले मामलों में पीड़ित पक्ष को मनाने का ठीका भी पुलिस ही ले लेती है। घटना अगर किसी की मौत से जुड़ी होती है तो मामला मैनेज करने में पुलिस अधिक दिलचस्पी लेती है। हाल ही में ट्रैफिक डीएसपी द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई रिपोर्ट में मौत के एक मामले में अरेर पुलिस के मैनेज होने का शर्मनाक घटना सामने आई थी। दो दिन पूर्व सदर अनुमंडल क्षेत्र के एक थाना पुलिस द्वारा रंगे हाथ धराए स...
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