रांची, अप्रैल 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। पुलिस रिमांड में कथित यातना से युवक की मौत से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने पलामू के सीजीएम को इस मामले का मूल रिकॉर्ड मांगा है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीट ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि युवक को रिमांड पर लेने के दौरान प्रस्तुत मेडिकल प्रमाणपत्र और बाद में सरकार के शपथ पत्र में दिए गए दस्तावेजों में गंभीर विरोधाभास है। इसे अदालत ने गंभीरता से लिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि मेदिनीनगर अस्पताल द्वारा जारी प्रमाणपत्र में युवक को "फिट फॉर कस्टडी" बताया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। वहीं, सरकार के शपथपत्र में 6 मार्च 2025 की एक अन्य रिपोर्ट में युवक के घायल होने का उल्लेख किया गया है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब इकबाल ने अदालत को बत...