नई दिल्ली, जनवरी 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा कि वे न्यायमित्र के रूप में एक वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा तैयार की गई नियमावली (मैनुअल) पर विचार करने के बाद पुलिस की प्रेस वार्ता के लिए उचित नीति बनाएं। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ जांच के दौरान पुलिस द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित करने के तौर-तरीकों से संबंधित याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने 15 जनवरी के एक आदेश में वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन द्वारा किए गए 'कठिन परिश्रम' की सराहना की और कहा कि पुलिस नियमावली केंद्र सरकार के दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। अदालत ने हालांकि कहा कि राज्य सरकारों ने नियमावली पर ध्यान देने और जरूरी कदम उठाने में पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई है। पीठ ने कहा कि ...