संवाददाता, मई 31 -- UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की कुंदरकी थाना पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए एक बंदी की रिहाई का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के समय आरोपी को लिखित रूप से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए और बाद में रिमांड मजिस्ट्रेट ने भी बिना पर्याप्त न्यायिक संतुष्टि दर्ज किए प्रिंटेड प्रोफार्मा पर रिमांड मंजूर कर दिया। इसे कानून के विपरीत मानते हुए हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश दोनों को निरस्त कर दिया। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने हैबियस कार्पस रिट याचिका संख्या 708/2026 पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुमताज अहमद सिद्दीकी और रियाज अहमद सिद्दीकी ने तर्क दिया कि बीती...