निखिल पाठक, मई 20 -- दिल्ली की एक अदालत ने साल 2020 में शहर में हुए दंगे से जुड़े एक मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले में दो पुलिसकर्मियों की गवाही पर भरोसा करना 'खतरनाक' होगा, क्योंकि उनके बयान जांच रिकॉर्ड और अन्य सबूतों से मेल नहीं खाते और उनमें विरोधाभास है। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह करावल नगर में दंगों के दौरान एक ऑटो-रिक्शा को कथित रूप से जलाने और एक दुकान में तोड़फोड़ कर उसे आग लगाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में सुमित कुमार, अनुज, राहुल और सचिन आरोपी थे। यह भी पढ़ें- झुलसा देने वाली गर्मी; दिल्ली में 47degC जाएगा तापमान, 6 दिन लू का ऑरेंज अलर्ट'अभियोजन पक्ष मामला साबित कर...