बांदा, अप्रैल 8 -- बांदा। बाबूलाल चौराहे में प्राइवेट बस स्टैंड के निकट ही प्रेसक्लब बना हुआ है। आवासीय भवन में करीब 20 दरोगा व सिपाही रहते हैं। करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना यह भवन मेंटीनेंस के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो गया है। फर्श पूरी तरह उखड़ गई है। छत व दीवारों का प्लास्ट साथ छोड़ रहा है। इसके बावजूद यहां पुलिस के जवान जिंदगी गुजारने को बाध्य हैं। एक दरोगा ने बताया कि यहां तीन वर्ष से रह रहे हैं। कई बार मेंटीनेंस का प्रस्ताव बना, पर बजट नहीं आने की बात कह दी जाती है। एक सिपाही ने बताया कि रात में एक लोग को जागना पड़ता है, तब बाकी के लोग सो पाते हैं। जितनी देर यहां रहते हैं, मन में दहशत रहती है कि कब यह समाधि स्थल न बन जाए। क्लब भवन के बाहर झाड़-झंखाड़ है। यहां हमेशा जहरीले जीव-जंतु वास करते हैं।
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