गंगापार, जून 8 -- न्यायिक कार्यों में लापरवाही और अदालती आदेशों की अवहेलना करने पर ग्राम न्यायालय मेजा के न्यायाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने वर्ष 1987 से लंबित चल रहे मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार न कर सरंक्षण प्रदान करने और लापरवाही बरतने के आरोप में सिरसा चौकी प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब कर लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर संदर्भित किया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टा यह मामला केवल कार्यशिथिलता का नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला प्रतीत होता है। अभियुक्त की लगातार अनुपस्थिति के कारण 39 वर्ष पुराने मामले की सुनवाई बाधित हो रही है, जबकि ऐसे पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए उच्च न्यायालय द्वारा विशेष निर्देश ज...