रुडकी, फरवरी 28 -- कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह ज्योतिष महाकुंभ डॉ. श्यामलाल सैनी की स्मृति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. निशंक ने ज्योतिष को भारत की पुरातन और विश्व की प्राचीनतम विद्या बताते हुए कहा कि आदिकाल से भारत ज्योतिष और खगोलीय विज्ञान के माध्यम से पूरे विश्व का मार्गदर्शन करता आया है। आधुनिक भौतिकवादी युग में जहां नए-नए आविष्कार हो रहे हैं, वहीं हमारी प्राचीन ज्योतिष प्रणाली को भी जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। भारत ने विश्व को शून्य की खोज दी और यहां के महान गणितज्ञों एवं ज्योतिषाचार्यों ने खगोल और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देकर विश्व को समृद्ध किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट...