सराईकेला, अगस्त 14 -- सरायकेला। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित छऊ मुखौटा गुरु सुशांत महापात्र के सरायकेला पहुंचने पर सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन की ओर से उनका स्वागत किया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं कलाकारों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उपस्थित एसोसिएशन के पदाधिकारियों और गुरुओं ने कहा कि सरायकेला छऊ केवल एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि सरायकेला की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। यहां के गुरुओं, कलाकारों एवं शिल्पकारों की पीढ़ियों की साधना ने इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। गुरु सुशांत महापात्र को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलना इसी गौरवशाली परंपरा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।सभी उपस्थित कलाकारों ने गुरु सुशांत महापात्र को बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन...