वाराणसी, जुलाई 16 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। अजनाला के शहीदों की पहचान के प्रयासों को बुधवार को उम्मीद की एक नई किरण दिखी। तमिलनाडु से दो परिवारों के चार सदस्य बीएचयू पहुंचे। उन्होंने संभावना जताई कि अजनाला के शहीदों में उनके पुरखे भी हो सकते हैं। शहीदों से डीएनए मिलान के लिए उन्होंने अपना सैंपल भी दिया।

शहीदों की पहचान बीएचयू की ज्ञान लैब में तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले के संथूर गांव से कार्तिकेश राजाराम तिवारी उनकी पत्नी और भाई-भाभी ने अपने डीएनए सैंपल दिये। नाम के साथ लगे 'तिवारी' के बारे में उन्होंने बताया कि कई पीढ़ियों से उनका परिवार यही सरनेम लगाता है। यह भी बताया कि संथूर में बड़ी आबादी आज भी पांडेय, दुबे, शुक्ला, दीक्षित सरनेम ही लगाती है। कहा कि संथूर के बारे में आम धारणा है कि वहां बसे लोगों की जड़ें उत्तर भारत से जुड़ी हैं।...