शशांक मट्टू, जुलाई 11 -- रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों की मुश्किलें जल्द ही बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को चार अमेरिकी सीनेटरों ने ऐलान किया कि रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ एक समझौता किया है। इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों में शामिल है। इस समझौते की घोषणा करने वालों में ट्रंप के करीबी माने जाने वाले सीनेटर लिंडसे ग्राहम समेत दो डेमोक्रेटिक और दो रिपब्लिकन नेता शामिल हैं।क्या है अमेरिका का नया प्लान? चारों सीनेटरों ने एक संयुक्त बयान में कहा, "हमें यह ऐलान करते हुए गर्व हो रहा है कि हमने अपने अपडेटेड रूस प्रतिबंध कानून को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन के साथ समझौता किया है।" सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ रिपब्लि...