वाराणसी, मई 10 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में शनिवार को अस्सी घाट पर पुणे के पं.जयंत केजकर का सुमधुर शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग भैरव में विलंबित एक ताल में निबद्ध बंदिश से गायन का आरंभ किया। 'हो करतार करो बेड़ा पार' के उपरांत द्रुत तीनताल में निबद्ध 'मनवा तू जागत रहियो' से गायन को विस्तार दिया। समापन भजन 'चलो मन गंगा-जमुना तीर' से किया। उनके साथ तबला पर पीयूष कुमार और हारमोनियम पर दुर्गेश यादव ने संगत की।

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