वाराणसी, मार्च 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। कला प्रकाश की ओर से आयोजित मासिक प्रभाती में रविवार को पुणे से आईं डॉ.पूर्णिमा धुमाले का भावपूर्ण शास्त्रीय गायन हुआ। भेलूपुर स्थित डायमंड होटल के सभागार में आयोजन किया गया। आगरा घराने की डॉ.पूर्णिमा ने राग अल्हैया बिलावल में विस्तृत आलाप से गायन प्रारम्भ किया। विलम्बित तीनताल में 'दैया कहां गयो' तथा द्रुत तीनताल में 'खेलो री होरी' प्रस्तुत कर आनंदित किया। राग जौनपुरी में आलाप के बाद तीनताल में 'फुलवन की गेंद ना मारो' बंदिश के बाद तराना सुनाकर अपने घराने की खूबियों से परिचित कराया। राग गारा में होरी 'मैं तो खेलूंगी उन संग होरी' के गायन के बाद राग भैरवी में भजन 'मैं तो सांवरे के रंग राची' की प्रस्तुति के साथ गायन को विराम दिया। उनके साथ तबला पर पं.अमित मिश्र तथा हारमोनियम पर मोहित साहनी ने कुशल...