वाराणसी, सितम्बर 27 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। मां की आवाज, आसपास की हलचल और पहली पुकार... अगर नवजात को ये आवाजें सुनाई नहीं देतीं तो इसकी वजह जन्म के बाद की कुछ गंभीर परिस्थितियां भी हो सकती हैं। आईएमएस-बीएचयू के ईएनटी विभाग के शोध में नवजातों में सुनने की कमी के साथ जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कारण सामने आए हैं। एक हजार नवजातों की स्क्रीनिंग में 18 बच्चों में सुनने की कमी की पुष्टि हुई। ये समस्या उन्ही बच्चों में देखी गई, जिन्हे पीलिया था या एनआईसीयू (न्यूनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में लंबे समय तक रहे हैं। ईएनटी विभाग के प्रो. विश्वंभर सिंह के नेतृत्व में यह शोध हुआ है। शोध में शामिल सभी एक हजार नवजातों की जन्म के 72 घंटे के भीतर ओटोअकॉस्टिक एमिशन (ओएई) जांच की गई। शुरुआती जांच में 18 बच्चों की सुनने की क्षमता प्रभावित थी। छह महीने की फॉलोअ...