नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- पीरियड लीव को लेकर देश भर में चल रही बहस के बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को कुछ अहम बातें कही हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि पीरियड लीव औरतों का अधिकार है और इसे किसी विशेषाधिकार के रूप में परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए। इस दौरान उच्च न्यायालय ने एक अहम आदेश देते हुए सरकार को राज्य में पहले से लागू पीरियड लीव पॉलिसी को सभी क्षेत्रों में लागू करने को भी कहा है। बता दें कि कर्नाटक सरकार दिसंबर 2025 में यह नीति लेकर आई थी जिसके तहत 18 से 52 साल की कामकाजी महिलाओं को हर महीने एक दिन की पेड लीव मिलने की सुविधा का प्रावधान था। हालांकि हाईकोर्ट ने पाया कि कई जगहों पर इसका पालन नहीं हो रहा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि मासिक धर्म अवकाश की नीति सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे हर जगह ठीक से लागू किया जाए, चाहे संगठित क्षेत...