गंगापार, मार्च 1 -- होली का पर्व नजदीक आते ही कस्बे की गलियों में एक अलग ही रौनक दिखाई देने लगती है। कहीं रंग सुखाए जा रहे हैं, कहीं उन्हें छाना जा रहा है तो कहीं बड़े-बड़े टबों में अरारोट और सिल्की पाउडर में रंगों का घोल तैयार किया जा रहा है। यह सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही एक जीवंत परंपरा है, जिसे कस्बे के कुछ परिवार आज भी पूरे समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

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