आगरा, जून 5 -- अपहरण, दुराचार एवं पॉक्सो ऐक्ट के मामले में पीड़िता के बयानों में गंभीर विरोधाभास रहा। अन्य प्रमुख गवाहों को पेश नहीं किया गया। अदालत ने आरोपित नंदू निवासी सदर को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। आरोपित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार कर्दम ने तर्क दिए। वादी ने थाना सदर में आरोपित द्वारा तीन अलग-अलग घटना के बाबत एक मुकदमा दर्ज करा आरोप लगाया था कि 11 जुलाई 2015 को वह अपने पति के साथ घर से बाहर गई थी। घर में उसकी पुत्री अकेली थी। आरोपित ने अन्य के साथ घर में घुसकर उससे दुराचार किया। यह भी पढ़ें- कोर्ट में पर्याप्त सबूत नहीं जुटा पाई पुलिस, आरोपी रिहा शिकायत के बाद भी 13 जुलाई 2015 को आरोपित आदि ने वादी के घर आकर उसकी पुत्री को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। 23 जुलाई 2015 को वादी की पुत्री अपनी बड़ी बहन के ...