झांसी, मार्च 27 -- श्री महाविद्या काली सिद्धपीठ : सुबह माता का भव्य श्रृंगार किया। फिर महानवमीं की आरती हुई। भक्तों ने मां को प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। यहां दिन भर देवी स्वरूप कन्याओं को जिमाया गया। महिलाओं और पुरुषों ने भजन गाए। सिद्धपीठ लहर वाली माता : सुबह चार बजे से ही भक्तों की कतारें लग गई। घंटे, शंख ध्वनि, ढोल-ताशे के बीच पहली आरती हुई। महिलाओं ने सुहाग की सामग्री अर्पित की। पुरुषों ने प्रसाद चढ़ाया। आरती के बाद कन्याएं जिमाईं गईं। टोलियों में लोगों ने खूब भजन गाए गए। महिलाएं भी खूब थिरकीं।पंचकुइयां वाली माता : सुबह चार बजे से ही नवरात्र के अंतिम दिन भक्तों की कतारें लग गईं। नारियल, फूल-फल अर्पित कर मां की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से दोपहर पर मंदिर में पैर रखने की जगह न मिली। दोपहर बाद जवारे लाने का सिलसिला शुरू हुआ। भजनो...
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