कानपुर, दिसम्बर 25 -- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से स्नातकोत्तर शोध अनुदान (पीजी थीसिस ग्रांट) के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की डॉ. नीतू का चयन किया गया। उनके शोध गर्भस्थ भ्रूण की श्रवण संवेदना का आकलन के लिए किया गया है। यह शोध कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. हरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यह शोध प्रकल्प देशभर से चयनित लगभग 450 स्नातकोत्तर शोध परियोजनाओं में शामिल है, जो इस उपलब्धि को और अधिक विशिष्ट बनाता है। यह शोध भ्रूण में श्रवण तंत्र के विकास को समझने के साथ-साथ भविष्य में नवजात शिशुओं में होने वाले श्रवण विकारों की समयपूर्व पहचान और रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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