लखनऊ, जनवरी 10 -- पड़ताल -400 करोड़ से 2021 में हिपैटोलॉजी में ट्रांसप्लांट यूनिट तैयार -वर्ष 2022 में एक युवती के लिवर ट्रांसप्लांट के बाद ठप है लखनऊ, रजनीश रस्तोगी। पीजीआई में तीन साल से लिवर प्रत्यारोपण ठप है। करीब 400 करोड़ रुपये के बजट से लिवर व पेट संबंधी बीमारी के लिए भवन तैयार किया गया। लाखों रुपये डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण पर खर्च किया गया। एक मरीज का लिवर प्रत्यारोपण हुआ। उसके बाद से एक भी लिवर प्रत्यारोपण नहीं हो सका। पीजीआई प्रशासन व डॉक्टरों की सुस्ती का खामियाजा लिवर के गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। पीजीआई में लिवर ट्रांसप्लांट के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए। वर्ष 2021 में करीब 400 करोड़ों रुपये की लागत से हिपैटोलॉजी भवन बनकर तैयार हुआ। इसके पांच मॉड्यूलर ओटी, आईसीयू, आईसोलेशन वार्ड समेत दूसरी ...