पीजीआई की रेजिडेंट डॉक्टर दो महीने से न्याय के लिए दौड़ रही थी
लखनऊ, अप्रैल 23 -- पीजीआई के रेडियोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट दो महीने से न्याय की गुहार लगा रही थी। हर उस दफ्तर का दरवाजा खटखटाया जहां महिला से जुड़ी शिकायतों का समाधान होता है। सबसे पहले 24 फरवरी को पीजीआई कोतवाली में तहरीर दी। वन स्टॉप सेंटर, महिला आयोग, विशाखा कमेटी का दरवाजा खटखटाया। आरोप है कि यहां कार्रवाई के बजाय समझौते की बातें होती रहीं। आरोप है कि संस्थान की विशाखा कमेटी ने न्याय देने के बजाय सिर्फ इंतजार कराया। अभी तक विशाखा कमेटी ने आरोपी रेजिडेंट पर कार्रवाई का कोई फैसला नहीं लिया। दो महीनों की जद्दोजहद के बाद मंगलवार रात पुलिस ने मामला दर्ज किया। यह भी पढ़ें- पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पीजीआई पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट पुलिस पर आरोपी को सह देने का आरोपपीड़िता का कहना है कि पुलिस आरोपी रेजिडेंट की मदद कर रही है। पीड़िता ने क...
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