रांची, जुलाई 21 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने खूंटी के महावीर गोप उर्फ महाबीर गोप को झारखंड कंट्रोल ऑफ क्राइम्स एक्ट (जेसीसीए) के तहत नजरबंद किए जाने के आदेश को वैध ठहराते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने उपायुक्त, खूंटी द्वारा 21 अक्तूबर 2025 को पारित नजरबंदी आदेश, गृह विभाग की पुष्टि तथा बाद में नजरबंदी अवधि बढ़ाने के आदेशों में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रार्थी पर पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य होने, रंगदारी वसूलने, हथियारों के बल पर दहशत फैलाने और संगठित अपराध में संलिप्त रहने का पर्याप्त आधार मौजूद था। रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट है कि उसके खिलाफ लंबित मामलों में जमानत मिलने के बाद भी सार्वजनिक व्यवस्था पर खतरा बना रहा। ऐसे में सामान्य आपराधिक कानून पर्याप्त...