काठमांडू, मई 12 -- भारत और नेपाल के संबंधों में एक बार फिर कूटनीतिक तल्खी देखने को मिल रही है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री का प्रस्तावित काठमांडू दौरा टाल दिया गया है। वह 11 मई से नेपाल के दो दिवसीय दौरे पर जाने वाले थे। इस दौरे का मकसद नेपाल की नई सरकार के साथ बातचीत करना और द्विपक्षीय संबंधों की भविष्य की रूपरेखा तय करना था। हालांकि, भारत ने आधिकारिक तौर पर नेपाल को इस दौरे के टलने की वजह 'अन्य व्यस्तताओं' को बताया है, लेकिन नेपाली विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इसके पीछे कुछ और ही कारण बताए हैं। दरअसल नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कार्यभार संभालते ही अपनी कूटनीति को लेकर एक बेहद सख्त और अप्रत्याशित रुख अपनाया है। उन्होंने विदेशी राजदूतों और शीर्ष अधिकारियों के साथ वन-टू-वन (निजी) मुलाकात करने की पुरानी परंपरा को खत...