प्रयागराज, मई 1 -- प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। अपने काम के दम पर वर्ष 2019 के कुम्भ मेले को स्वच्छ और दिव्य बनाने वाली जिस शीतल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पांव पखारा था, आज वो काम के लिए दर-दर भटक रही है। आरोप है कि उसे काम देने के लिए 500 रुपये की रिश्वत मांगी गई। जब उसने इससे इनकार कर दिया तो उसे काम से हटा दिया गया। मेहनती और स्वाभिमानी शीतल के लिए आज दो वक्त की गुजर करना भी दूभर हो रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद पार्षदों ने इस पर आक्रोश व्यक्त किया। जबकि प्रयागराज मेला प्राधिकरण पूरे प्रकरण पर चुप्पी साधे हुए है।वर्ष 2019 में संगम की रेती पर लगे कुम्भ मेले ने स्वच्छता की नई मिसाल पेश की थी। इसकी चर्चा केवल देश नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हुई। आमतौर पर जहां मेले के बाद गंदगी का अंबार दिखाई देता था, वहीं इस कुम्भ में पूर...