रांची, मार्च 25 -- रातू, प्रतिनिधि। झारखंड राज्य पेंशनर समाज ने बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौपते हुए पेशनरों की वैद्धता अधिनियम 2025 को वापस लेने की भावुक अपील की। पेशनर समाज के अध्यक्ष गुरूदेव सिन्हा ने बताया कि केंद्र सरकार अपने पेंशनर्स का वर्गीकरण करने और उनके बीच अंतर बनाए रखने का अधिकार है। इसे बिना पूर्व सूचना के वित्त विधेयक के भाग के रूप में पेश किया गया और 25 मार्च 2025 को लोकसभा में अनुमोदित कर दिया गया। यदि यह अधिनियम लागू होता है तो पेंशनभोगियों की सेवानिवृत्ति की तिथि, पेंशन पात्रता के संबंध में वर्गीकरण और उनके बीच अंतर का आधार होगा, इससे केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यकाल से पहले से कार्यरत पेंशनर्स वेतन आयोग की सिफारिशों के लाभ से वंचित हो जाएंगे। पेंशनभोगियों को इस कठिन समय में पेंशन वृद्धि का लाभ ना मिलने...