नई दिल्ली, जून 1 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े एक शारीरिक शिक्षा के शिक्षक को इस प्रतिबंधित संगठन से जुड़े धनशोधन मामले में जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की पीठ ने कहा कि वहीदुर रहमान जैनुल्लाबुदीन का रोल कोई खास अहमियत वाला नहीं लगता, क्योंकि पिछले साल मई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सातवें पूरक आरोपपत्र में पहली बार उसका नाम आरोपी के तौर पर आया था। पीठ ने यह भी कहा कि जैनुल्लाबुदीन व जुर्म की कमाई के बीच कथित आर्थिक संबंध की रकम भी सिर्फ 3 लाख 15 हजार रुपये है जो जमानत देने के लिए दो शर्तों से भी कम है। यह भी पढ़ें- दिल्ली दंगे के आरोपी पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से हटे जज; क्या मामला? पीठ ने आगे कहा कि चूंकि आरोपों पर बहस की सुनवाई के स्तर पर यह मामला चल रहा ह...