नई दिल्ली, जुलाई 16 -- विशेष एनआईए अदालत ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के संस्थापक अध्यक्ष ई. अबूबकर की तीसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।

आरोपों की गंभीरता पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा की कोर्ट ने आदेश में कहा कि ट्रायल में देरी को अकेले आधार नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में आरोपों की गंभीरता, आरोपियों की संख्या और अदालत के कार्यभार जैसे कई पहलुओं को भी साथ में देखना जरूरी है। अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष ने देरी के मुद्दे पर इन जरूरी पहलुओं का जिक्र नहीं किया, इसलिए यह दलील ठोस आधार पर नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।

आतंकी साजिश के लगे हैं आरोप गौरतलब है कि एनआईए ने अबूबकर और अन्य पीएफआई नेताओं के खिलाफ आतंक...