पीएचडी की 1000 सीटें फंसीं, छात्र दाखिला लेकर गायब, UGC के मुताबिक 6 सालों में पूरा करना होता है कोर्स
नई दिल्ली, नवम्बर 6 -- सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में पीएचडी की 1000 से ज्यादा सीटें फंस गई हैं। बरसों पहले पीएचडी कोर्स में दाखिले लेने वाले छात्रों का अता पता नहीं है। पीएचडी गाइडों की कमी है। ऐसे में पीएचडी सीटें खाली न हो पाने की वजह से नए छात्रों का दाखिला नहीं हो पा रहा है। सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) ने 1000 से अधिक ऐसे पीएचडी उम्मीदवारों की पहचान की है जिन्होंने वर्ष 2020 में दाखिला तो लिया था लेकिन अब वे पढ़ाई में एक्टिव नहीं हैं। उन्होंने अपनी पीएचडी पूरी नहीं की है। इससे भविष्य के उम्मीदवारों के लिए सीटें ब्लॉक होने की स्थिति बन गई है।क्या है पीएचडी पर यूजीसी का नियम यूजीसी के नियमों के अनुसार पीएचडी कोर्स की अवधि कम से कम दो साल (कोर्सवर्क को छोड़कर) और अधिकतम छह साल होनी चाहिए। संस्थान अपने नियमों ...
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