नई दिल्ली, फरवरी 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने पिरामल फार्मा लिमिटेड की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीएसपीसीबी) को निर्देश दिया कि वह कंपनी की उस अर्जी पर एक सप्ताह के भीतर सुनवाई कर फैसला करे। पिरामल की याचिका में खतरनाक कचरे के अवैध निस्तारण के आरोपों के मद्देनजर उसकी विनिर्माण इकाई बंद करने के आदेश को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ गुजरात हाईकोर्ट के पांच फरवरी के आदेश के खिलाफ मेसर्स पिरामल फार्मा लिमिटेड की अपील की सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने दाहेज स्थित विनिर्माण इकाई बंद करने के आदेश को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका को खारिज कर दी थी।
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