बगहा, दिसम्बर 10 -- पश्चिम चंपारण जिले में गंडक, सिकराहना, मसान समेत दो दर्जन से ज्यादा छोटी बड़ी नदियां बरसात के दिनों में जिले में तांडव मचाती है। गंडक नदी को छोड़ दिया जाए तो 90 फीसदी पहाड़ी नदियों पर बांध नहीं है। जिसके कारण बगहा, पिपरासी, मधुबनी, भितहा, ठकराहा, योगापट्टी, नौतन बैरिया आदि प्रखंडों के एक तिहाई आबादी प्रतिवर्ष प्रभावित होती है। बारिश के दिनों में नदियां तांडव मचाती हैं, लेकिन इसका असर अगले छह महीने तक लोगों को प्रभावित करता है। गंडक नदी पर बना बांध र्जर हो चला है। रिंग बांधों की स्थिति भी अच्छी नहीं है। जिसके कारण छह माह तक पंचायतों के लोग विस्थापित हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गंडक नदी के उस पार के चार प्रखंडों पिपरासी, मधुबनी, भितहा, ठकराहा आदि के लोगों को होती है। अनिता कुमारी, मंजेश साहनी, लाल बहादुर यादव, रामेश...
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