पितृ पक्ष में श्राद्ध करना क्यों जरूरी होता है? यहां पढ़ें धार्मिक मान्यता
नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- Pirtu Paksha 2026 Kahani: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से लेकर आश्विन माह की अमावस्या तिथि तक रहते हैं। पितृ पक्ष की कुल अवधि 16 दिनों की होती है। शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से व्यक्ति पितृ ऋण और दोष से मुक्त होता है और पूर्वजों की आत्मा को शांति और मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के 16 दिनों में यमराज पितरों की आत्माओं को मुक्त कर देते हैं, जिससे वे सूक्ष्म रूप में पृथ्वी पर अपने परिजनों के बीच आते हैं। इस समय श्राद्ध कर्म से प्रसन्न होकर वे अपने वंशजों को सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस बार पितृ पक्ष 26 सितंबर से प्रारंभ हो रहे हैं और इनका समापन 10 अक्ट...
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