नई दिल्ली, सितम्बर 27 -- पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं। हिंदू धर्म में इन कर्मों के लिए कई तरह की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें कुशा यानी कुश घास को विशेष महत्व दिया गया है। तर्पण करते समय कुश से बनी पवित्री धारण करने की भी धार्मिक परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुश को पवित्र माना गया है और पितृ कर्म में इसके प्रयोग से तर्पण की प्रक्रिया शुद्ध और विधिपूर्वक पूरी होती है। आइए जानते हैं तर्पण में कुश का इतना महत्व क्यों बताया गया है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखा जाता है।पितृ कर्म में कुश का महत्व कुशा घास का उल्लेख हिंदू धर्म के कई धार्मिक कर्मकांडों में मिलता है। इसे पवित्र माना जाता है और श्राद्ध-तर्पण जैसे कर्मों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। पितर...