नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म किए जाते हैं। इस बार श्राद्ध पक्ष की तिथियों में ऐसा संयोग बन रहा है, जिससे चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध एक ही दिन करना होगा। 30 सितंबर 2026 बुधवार को दोनों तिथियों का श्राद्ध किया जाएगा। ऐसे में इस दिन का श्राद्ध पक्ष में विशेष महत्व रहेगा।30 सितंबर को होगा चतुर्थी-पंचमी श्राद्ध इस बार चतुर्थी तिथि 29 सितंबर की शाम 5 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर 30 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 1 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। चूंकि श्राद्ध कर्म के लिए दोपहर का अपराह्न काल महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए दोनों तिथियों का श्राद्ध 30 सितंबर को ही किया जाएगा।चतुर्थी...