पितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष संपन्न, आज विदा होंगे पितर
पाकुड़, अक्टूबर 9 -- सर्व पितृ अमावस्या का महत्व और विधि 16 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष का समापन शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या के साथ होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक शास्त्री के अनुसार, इस अंतिम दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। इन सोलह दिनों तक घर-परिवार में पूर्वजों की आराधना का दौर चला, और अब अंतिम दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों को ससम्मान विदाई दी जाएगी।इन दिनों में पितर सूक्ष्म रूप में पृथ्वी पर अपने वंशजों के पास आते हैं और तर्पण व पिंडदान की अपेक्षा रखते हैं। विधि-विधान से श्राद्ध और पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति, वंश वृद्धि और समृद्धि बनी रहती है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पितृपक्ष वह ...
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