सीवान, सितम्बर 28 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। कृप्ण पक्ष के प्रतिपदा से शुरू होकर अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष रविवार से शुरू हो गया। पितृपक्ष के पहले दिन लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने व उनकी आत्मा की शांति के लिए नदी व तालाबों के तटों पर जल तर्पण करने पहुंचे। यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष 2026: पिंडदान के लिए किसका बनता पिंड, पढ़ें इससे पुरखों का कौन सा ऋण कम होता है?जल तर्पण का महत्व इस क्रम में शहर के शास्त्री नगर शिव मंदिर घाट समेत दरौली, सिसवन में सरयू नदी के तट पर जल तर्पण करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। हाथ में कुश, काला तिल व चावल रखकर जल अर्पित करना करते हुए लोगों ने माता-पिता समेत अपनी तीन पीढ़ियों को जल तर्पण किया। जो लोग नदी-तालाब के तट पर नहीं पहुंचे, वह घर के आंगन व खुली जगह पर विधि-विधान से पहले अपने गोत्र, फिर पिता, ...