हल्द्वानी, सितम्बर 25 -- हल्द्वानी, संवाददाता। पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दौर 26 सितंबर से शुरू होगा। 26 को पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन 27 सितंबर को पहला श्राद्ध किया जाएगा। पितृपक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करेंगे। ज्योतिषी डॉ. मंजू जोशी, डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि पंचांग के अनुसार श्राद्ध पक्ष में तिथि के अनुसार पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है। इस क्रम में 26 से शुरू पितृपक्ष 10 अक्तूबर तक चलेगा। 30 सिंतबर को चतुर्थी-पंचमी का एक साथ श्राद्ध होगा। जबकि तीन को अष्टमी और चार सितंबर को नवमी का श्राद्ध होगा। 10 अक्तूबर को पितरों का विसर्जन होगा। पितृपक्ष को लेकर तीर्थस्थलों और घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। लोग अपने पूर्वजों के निमित्त पूजा-पाठ ...