पिता चलाते हैं किराने दुकान, बेटी ने चौथे अटेंप्ट में यूपीएससी किया क्रैक, 255वीं रैंक लाकर बनीं IAS, पति हैं IPS
नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- कहते हैं कि अगर आपके भीतर कुछ करने का जज्बा और जुनून है और अपनी मंजिल के लिए ईमानदारी से मेहनत करते हैं, तो एक ना एक दिन आपको सफलता जरूर मिलती है। फिर ये मायने नहीं रखता है कि आप किस बैकग्राउंड से आएं है। आपकी आर्थिक स्थिति क्या है। कुछ ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश गोरखपुर की रहने वाली आईएएस दृष्टि जयसवाल की। जिनकी यूपीएससी की जर्नी काफी प्रेरणादायक है। पिता एक छोटी दुकान चलाते थे और मां गृहणी थी। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधन होने के बावजूद दृष्टि ने आईएएस बनने का सपना देखा और कड़ी मेहनत के दम पर इसे साकार भी किया। हालांकि उन्हें यह सफलता चौथे प्रयास में मिला। यूपीएससी 2022 के परिणाम में दृष्टि जयसवाल को 225वीं रैंक हासिल हुई। चलिए इनकी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।आईएएस दृष्टि का कैडर और पोस्टिंग आईएएस दृष्टि जयसवाल की ...
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