नई दिल्ली, अगस्त 18 -- नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने पिता को पकड़ने के लिए उसके नाबालिग बेटे को ले जाने के मामले में गुजरात पुलिस के चार अधिकारियों की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने पुलिसकर्मियों के रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका काम आरोपी पिता की तलाश करना था, न कि बच्चे को हिरासत में लेकर एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाना। यह भी पढ़ें- पिता से सरेंडर कराने बेटे का किया 'कमजोर नस' की तरह इस्तेमाल, कोर्ट ने पुलिस को लगाई कड़ी फटकारपुलिसकर्मियों का रवैया अदालत ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने औपनिवेशिक शासकों की तरह व्यवहार करते हुए बच्चे को पिता के आत्मसमर्पण के लिए चारे और कमजोर नस की तरह इस्तेमाल किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने आदेश में कहा कि सरकारी कर्मचारी होने का मतलब यह नहीं है कि ड्यूटी से जुड...