उन्नाव, मार्च 2 -- पुरवा। नियति का खेल भी कितना क्रूर हो सकता है, इसकी एक हृदयविदारक बानगी पुरवा कोतवाली क्षेत्र में देखने को मिली। जिस घर से पिता की अंतिम विदाई की तैयारी हो रही थी, वहां 24 घंटे के भीतर मां की भी अर्थी सज गई। एक ही झटके में तीन बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। अब घर में केवल चीखें और कभी न भरने वाला सन्नाटा शेष है। पिता के वियोग में जा रही थीं मां, रास्ते में काल ने घेरा मदारपुर गांव के 50 वर्षीय रामचंद्र पिछले कुछ समय से बीमार थे। रविवार को वह दवा लेने शहर गए थे और फिर अपनी बहन के घर रुक गए, जहां सोमवार सुबह उनकी सांसें थम गईं। पिता की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। बेटा अमित अपनी बदहवास मां मुन्नी देवी (45) को लेकर पिता के अंतिम दर्शन के लिए बाइक से गढ़ेवा जा रहा था। उन्हें क्या पता था कि रास...