नई दिल्ली, मई 17 -- कुछ कहानियां सिर्फ सफलता की नहीं होतीं, बल्कि उन जख्मों की भी होती हैं जिन्हें इंसान चुपचाप सहकर अपने सपनों को जिंदा रखता है। उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले आयुष पांडेय की कहानी भी ऐसी ही है। आज लोग उन्हें UPPCS 2024 में 10वीं रैंक हासिल करने वाले अफसर के रूप में जानते हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे वर्षों का संघर्ष, दर्द और लगातार मेहनत छिपी हुई है। साल 2010 में आयुष की जिंदगी अचानक बदल गई थी। उस समय वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी एक सड़क हादसे में उनके पिता की मौत हो गई। पिता के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह का संकट खड़ा हो गया।मां बनीं परिवार की सबसे बड़ी ताकत पिता के निधन के बाद आयुष की मां वंदना पांडेय ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। ...